Showing posts with label हिंदी माध्यम में IAS बनना. Show all posts
Showing posts with label हिंदी माध्यम में IAS बनना. Show all posts
Sunday, October 21, 2018
Friday, October 19, 2018
Thursday, October 18, 2018
Tuesday, September 19, 2017
क्या आपका ये पहला अवसर है ?
कम्पटीशन की तैयारी और पहली बार एग्जाम देना उत्साह भी डर भी | बड़ी अजीबोगरीब स्थिति, प्लान पहली ही बार में टॉप कर जाने का और असहजता इतनी कि मानो एग्जाम में नहीं बल्कि कालापानी की सजा पर भेजा जा रहा हो | कुछ बातें ध्यान रखें एग्जाम का दिन आपका होगा, जीत आपकी होगी -
1.एग्जामिनेशन सेंटर पर समय से पहले पहुँचे, परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले |
2.एडमिट कार्ड, ID,जरुरत से कम से एक ज्यादा पेन(2 मोटी point की,और 2 पतले point की), पानी की बोतल, बिस्किट साथ लेकर जाएँ |
3.एग्जाम के एक दिन पहले और खासकर रात में बहुत ही हल्का/सुपाच्य भोजन करें |
4.एग्जाम के दिन सुबह का नाश्ता अच्छे ढंग से करके निकलें, जिससे कि बाहर कम से कम चीजें खानी पड़ें | यदि आप अकेले रहते हैं तो दलिया,फल-(सेब, केला), पोहा जैसी हलकी चीजें नाश्ते में ले सकते हैं | पराठा, ब्रेड पकौड़ा आदि खाने से बचें | यदि चाय पीने की आदत है तो जरुर पीकर जाएँ नहीं तो ये सरदर्द का कारण बन सकता है |
5.पहला पेपर हो जाने के बाद उसकी चिंता छोड़कर थोड़ी देर शांत बैठें, हल्का-फुल्का कुछ खाएं-पीयें | जरुरत हो तो एकबार पहले से पढ़े हुए मटेरियल को पलट लें | पहले सेशन के पेपर का आंसर डिस्कस बिलकुल न करें |
5.सबसे जरुरी बात है ये विश्वास रखना, कि आप इसी बार सेलेक्ट होने जा रहें हैं |
-OM PANDEY (IASPREP)
1.एग्जामिनेशन सेंटर पर समय से पहले पहुँचे, परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले |
2.एडमिट कार्ड, ID,जरुरत से कम से एक ज्यादा पेन(2 मोटी point की,और 2 पतले point की), पानी की बोतल, बिस्किट साथ लेकर जाएँ |
3.एग्जाम के एक दिन पहले और खासकर रात में बहुत ही हल्का/सुपाच्य भोजन करें |
4.एग्जाम के दिन सुबह का नाश्ता अच्छे ढंग से करके निकलें, जिससे कि बाहर कम से कम चीजें खानी पड़ें | यदि आप अकेले रहते हैं तो दलिया,फल-(सेब, केला), पोहा जैसी हलकी चीजें नाश्ते में ले सकते हैं | पराठा, ब्रेड पकौड़ा आदि खाने से बचें | यदि चाय पीने की आदत है तो जरुर पीकर जाएँ नहीं तो ये सरदर्द का कारण बन सकता है |
5.पहला पेपर हो जाने के बाद उसकी चिंता छोड़कर थोड़ी देर शांत बैठें, हल्का-फुल्का कुछ खाएं-पीयें | जरुरत हो तो एकबार पहले से पढ़े हुए मटेरियल को पलट लें | पहले सेशन के पेपर का आंसर डिस्कस बिलकुल न करें |
5.सबसे जरुरी बात है ये विश्वास रखना, कि आप इसी बार सेलेक्ट होने जा रहें हैं |
-OM PANDEY (IASPREP)
Sunday, September 17, 2017
हिंदी माध्यम में सिविल सर्वेंट बनने की तैयारी
प्रिय मित्रों,
हिंदी माध्यम में IAS बनना एक सपने सा लगता है | इंग्लिश माध्यम तुलना कई गुना मेहनत, कई गुना समय खर्च करने के बावजूद रिजल्ट अधिकतर मामलों में कुछ भी नहीं | इसके कारणों की पड़ताल करें तो सबसे प्रमुख कारण है हिंदी माध्यम में UPSC की तैयारी के लिये सटीक और स्तरीय मैटेरियल की कमी | दूसरी प्रमुख बात है कि हिंदी माध्यम से तैयारी करने वाले कंडीडेट ग्रामीण क्षेत्र से सम्बन्ध रखते है और शुरुआत से ही उनकी शिक्षा-दीक्षा हिंदी माध्यम में ही होती है | ऐसे कंडीडेट लाख कोशिशें करने के बावजूद भी इस स्तर पर अपना माध्यम नहीं बदल सकते और हिंदी माध्यम से ही तैयारी करने को मजबूर हो जाते हैं | (कुछ अपवाद जरुर हैं पर सामान्यतः ये असम्भव ही होता है |)
जो समय बीत गया उसको वापस पाना असम्भव है लेकिन हम अपने वर्तमान को अच्छे ढंग से उपयोग करके अपने सपनों को साकार कर सकते हैं | सच पूछिये तो इंग्लिश से बचकर चलना आज के युग में न सम्भव है और न ही बुद्धिमानी ही | व्यवस्था का विरोध करने से अच्छा है खुद को बदला जाय | आप भले ही इंग्लिश में कम्पलीट परीक्षा नहीं दे सकते लेकिन अपने स्टडी मैटेरियल में इंग्लिश किताबों, न्यूज पेपर्स, लेक्चर्स का थोड़ा बहुत ही सही पर उपयोग कर सकते हैं | इन प्रयासों के जरिये आप इंग्लिश माध्यम के प्रतियोगियों की आसानी से बराबरी ही नहीं कर पायेंगें बल्कि आपके सपने भी सच होंगे, सफलता आपकी होगी ...|
'जब जगे तभी सवेरा' तो क्यों न आज से ही शुरू करें......अपनी रणनीति में बदलाव कीजिये और सफलता के शिखर को चूमिये |
-OM PANDEY (IASPREP)
हिंदी माध्यम में IAS बनना एक सपने सा लगता है | इंग्लिश माध्यम तुलना कई गुना मेहनत, कई गुना समय खर्च करने के बावजूद रिजल्ट अधिकतर मामलों में कुछ भी नहीं | इसके कारणों की पड़ताल करें तो सबसे प्रमुख कारण है हिंदी माध्यम में UPSC की तैयारी के लिये सटीक और स्तरीय मैटेरियल की कमी | दूसरी प्रमुख बात है कि हिंदी माध्यम से तैयारी करने वाले कंडीडेट ग्रामीण क्षेत्र से सम्बन्ध रखते है और शुरुआत से ही उनकी शिक्षा-दीक्षा हिंदी माध्यम में ही होती है | ऐसे कंडीडेट लाख कोशिशें करने के बावजूद भी इस स्तर पर अपना माध्यम नहीं बदल सकते और हिंदी माध्यम से ही तैयारी करने को मजबूर हो जाते हैं | (कुछ अपवाद जरुर हैं पर सामान्यतः ये असम्भव ही होता है |)
जो समय बीत गया उसको वापस पाना असम्भव है लेकिन हम अपने वर्तमान को अच्छे ढंग से उपयोग करके अपने सपनों को साकार कर सकते हैं | सच पूछिये तो इंग्लिश से बचकर चलना आज के युग में न सम्भव है और न ही बुद्धिमानी ही | व्यवस्था का विरोध करने से अच्छा है खुद को बदला जाय | आप भले ही इंग्लिश में कम्पलीट परीक्षा नहीं दे सकते लेकिन अपने स्टडी मैटेरियल में इंग्लिश किताबों, न्यूज पेपर्स, लेक्चर्स का थोड़ा बहुत ही सही पर उपयोग कर सकते हैं | इन प्रयासों के जरिये आप इंग्लिश माध्यम के प्रतियोगियों की आसानी से बराबरी ही नहीं कर पायेंगें बल्कि आपके सपने भी सच होंगे, सफलता आपकी होगी ...|
'जब जगे तभी सवेरा' तो क्यों न आज से ही शुरू करें......अपनी रणनीति में बदलाव कीजिये और सफलता के शिखर को चूमिये |
-OM PANDEY (IASPREP)
Subscribe to:
Posts (Atom)