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Tuesday, September 19, 2017

क्या आपका ये पहला अवसर है ?

      कम्पटीशन की तैयारी और पहली बार एग्जाम देना उत्साह भी डर भी | बड़ी अजीबोगरीब स्थिति, प्लान पहली ही बार में टॉप कर जाने का और असहजता इतनी कि मानो एग्जाम में नहीं बल्कि कालापानी की सजा पर भेजा जा रहा हो | कुछ बातें ध्यान रखें एग्जाम का दिन आपका होगा, जीत आपकी होगी -

1.एग्जामिनेशन सेंटर पर समय से पहले पहुँचे, परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले |

2.एडमिट कार्ड, ID,जरुरत से कम से एक ज्यादा पेन(2 मोटी point की,और 2 पतले point की), पानी की बोतल, बिस्किट साथ लेकर जाएँ |

3.एग्जाम के एक दिन पहले और खासकर रात में बहुत ही हल्का/सुपाच्य भोजन करें |

4.एग्जाम के दिन सुबह का नाश्ता अच्छे ढंग से करके निकलें, जिससे कि बाहर कम से कम चीजें खानी पड़ें | यदि आप अकेले रहते हैं तो दलिया,फल-(सेब, केला), पोहा जैसी हलकी चीजें नाश्ते में ले सकते हैं | पराठा, ब्रेड पकौड़ा आदि खाने से बचें | यदि चाय पीने की आदत है तो जरुर पीकर जाएँ नहीं तो ये सरदर्द का कारण बन सकता है |

5.पहला पेपर हो जाने के बाद उसकी चिंता छोड़कर थोड़ी देर शांत बैठें, हल्का-फुल्का कुछ खाएं-पीयें | जरुरत हो तो एकबार पहले से पढ़े हुए मटेरियल को पलट लें | पहले सेशन के पेपर का आंसर डिस्कस बिलकुल न करें |

5.सबसे जरुरी बात है ये विश्वास रखना, कि आप इसी बार सेलेक्ट होने जा रहें हैं |
                                       -OM PANDEY (IASPREP)

Sunday, September 17, 2017

हिंदी माध्यम में सिविल सर्वेंट बनने की तैयारी

प्रिय मित्रों,
              हिंदी माध्यम में IAS बनना एक सपने सा लगता है | इंग्लिश माध्यम तुलना कई गुना मेहनत, कई गुना समय खर्च करने के बावजूद रिजल्ट अधिकतर मामलों में कुछ भी नहीं | इसके कारणों की पड़ताल करें तो सबसे प्रमुख कारण है हिंदी माध्यम में UPSC की तैयारी के लिये सटीक और स्तरीय मैटेरियल की कमी | दूसरी प्रमुख बात है कि  हिंदी माध्यम से तैयारी करने वाले कंडीडेट ग्रामीण क्षेत्र से सम्बन्ध रखते है और शुरुआत से ही उनकी शिक्षा-दीक्षा हिंदी माध्यम में ही होती है | ऐसे कंडीडेट लाख कोशिशें करने के बावजूद भी इस स्तर पर अपना माध्यम नहीं बदल सकते और हिंदी माध्यम से ही तैयारी करने को मजबूर हो जाते हैं | (कुछ अपवाद जरुर हैं पर सामान्यतः ये असम्भव ही होता है |)
               जो समय बीत गया उसको वापस पाना असम्भव है लेकिन हम अपने वर्तमान को अच्छे ढंग से उपयोग करके अपने सपनों को साकार कर सकते हैं | सच पूछिये तो इंग्लिश से बचकर चलना आज के युग में न सम्भव है और न ही बुद्धिमानी ही | व्यवस्था का विरोध करने से अच्छा है खुद को बदला जाय | आप भले ही इंग्लिश में कम्पलीट परीक्षा नहीं दे सकते लेकिन अपने स्टडी मैटेरियल में इंग्लिश किताबों, न्यूज पेपर्स, लेक्चर्स  का थोड़ा बहुत ही सही पर उपयोग कर सकते हैं | इन प्रयासों के जरिये आप इंग्लिश माध्यम के प्रतियोगियों की आसानी से बराबरी ही नहीं कर पायेंगें बल्कि आपके सपने भी सच होंगे, सफलता आपकी होगी ...|

               'जब जगे तभी सवेरा' तो क्यों न आज से ही शुरू करें......अपनी रणनीति  में बदलाव कीजिये और सफलता के शिखर को चूमिये |
                                                                -OM PANDEY (IASPREP)